
बिजली दर बढोतरी के मुकदमे वापस ले
लखनऊ। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा विधानसभा में बिजली दर न बढ़ाने के बयान पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में नियामक आयोग में दाखिल किए गए प्रस्ताव में 28 फीसदी बिजल दर बढोतरी का प्रस्ताव किससे इशारे पर दिया गया था?
परिषद अध्यक्ष ने यह भी सवाल किया है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वाराबिजली दर नहीं बढ़ाने के संबंध में दिए गए आदेश के खिलाफ भी हर साल मुकदमे किए जा रहे हैं। दिल्ली में अपीलेट ट्रिब्यूनल में मुकदमा दाखिल किया गयाहै। ऊर्जा मंत्री बताएं कि ये मुकदमे किसके इशारे पर किए गए हैं? परिषद अध्यक्ष ने कहा कि सबसे बड़ा चौंकाने वाला मामला यह है कि विद्युत नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन के खर्चों और विभिन्न वित्तीय पैरामीटर पर कटौती की, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं का सरप्लस निकाला। इसकी वजह से बिजली दरों मे कोई भी बढ़ोतरी नहीं हो पाई। इस फैसले के खिलाफ सभी बिजली कंपनियों ने अपीलेट ट्रिब्यूनल में मुकदमा दाखिल किया है। यदि यह मुकदमा पावर कॉरपोरेशन व बिजली कंपनियां जीतेगी तो अपने आप बिजली दरें बढ़ जाएंगी। उन्होंने ऊर्जा मंत्री से अपील की कि यदि वे बिजली दर बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं तो जल्द से जल्द इन मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करें।

