मार्च तक 12 नये पारेषण उपकेंद्र ऊर्जित होने की संभावना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक 11 पारेषण उपकेंद्रों को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया जा चुका है। मार्च 2026 तक 12 अन्य उपकेंद्र भी क्रियाशील हो जाएंगे।।होली की पूर्व संध्या पर 400 केवी के दो महत्वपूर्ण पारेषण उपकेंद्र (गोंडा एवं महेबा) को भी ऊर्जीकृत किया गया है। इन उपकेंद्रों के क्रियाशील होने से संबंधित क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों तथा आम उपभोक्ताओं को 24×7 निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
प्रदेश में निगम के अधीन वर्तमान में 765 केवी के 02 उपकेंद्र, 400 केवी के 29 उपकेंद्र, 220 केवी के 172 उपकेंद्र तथा 132 केवी के 488 उपकेंद्र संचालित हैं।प्रदेश की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
आगामी माह में अतिरिक्त उपकेंद्रों के ऊर्जीकृत होने से प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में व्यापक सुधार होने की अपेक्षा है। विशेष रूप से आगामी ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए औद्योगिक एवं घरेलू उपभोक्ताओं को सुचारू एवं विश्वसनीय विद्युत उपलब्ध कराई जा सकेगी। मार्च 26 के अंत तक 12 और उपकेंद्रों के ऊर्जीकृत होने की संभावना है, जिससे प्रदेश की पारेषण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कॉर्पोरेशन के मुख्य अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि निगम संभावित विद्युत भार वृद्धि को ध्यान में रखते हुए नए पारेषण उपकेंद्रों के निर्माण एवं वर्तमान उपकेंद्रों के विस्तार कार्यों में सतत् संलग्न है। सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग, तकनीकी दक्षता एवं गुणवत्ता नियंत्रण के साथ कार्य किया जा रहा है, ताकि प्रदेश में सुदृढ़, विश्वसनीय एवं भविष्य उन्मुख विद्युत पारेषण तंत्र की स्थापना सुनिश्चित की जा सके।
