उत्तर प्रदेशउत्तराखंडदेशविदेश

वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभान यादव को सच्चिदानंद वात्स्यायन अज्ञेय रंगभारती सम्मान

जौनपुर निवासी चंद्रभान यादव को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में मिला सम्मान
लखनऊ। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर लखनऊ में आयोजित समारोह में वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभान यादव को सच्चिदानंद वात्स्यायन अज्ञेय रंगभारती सम्मान से अभिनंदित किया गया। यह सम्मान उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गया है। जौनपुर के नदियापारा गांव निवासी चंद्रभान यादव को इससे पहले लाडली मीडिया अवार्ड सहित कई अवार्ड और ‌चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में कई फेलोशिप मिल चुकी है।

हिंदी पत्रकारिता की 200वीं वर्षगांठ पर अखिल भारतीय हिंदी पत्रकार संघ व रंगभारती की ओर से उप्र हिंदी संस्थान के निराला सभागार में सम्मान समारोह में दिया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौजूद रहे। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति डॉ. शेखर कुमार यादव, पूर्व मुख्य सचिव डीएस मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभान यादव सहित अन्य विभूतियों को सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विभूतियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न प्रदान दिए। संस्था के अध्यक्ष श्याम कुमार ने बताया कि पंडित युगल किशोर शुक्ल ने 30 मई, 1826 को कोलकाता में प्रथम हिंदी समाचारपत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ का प्रकाशन किया था। उसकी स्मृति में वर्ष 1975 से ‘अखिल भारतीय हिंदी पत्रकार संघ’ एवं ‘रंगभारती’ संस्थाओं की ओर से संयुक्त रूप से प्रतिवर्ष ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ का आयोजन किया जाता है।

वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभान यादव के बारे में जानें
जौनपुर जिले के नदियापारा गांव निवासी चंद्रभान यादव करीब 26 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत ग्रामीण पत्रकारिता से की। वह उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में रहने के बाद कुछ वक्त राजस्थान रहे। वहां के पाली, जोधपुर और जयपुर में कार्य किया। वह दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका जैसे समाचार पत्रों में अलग- अलग भूमिका में काम करने के बाद वर्ष 2012 में फिर उत्तर प्रदेश के कानपुर लौटे। यहां अमर उजाला में प्रादेशिक प्रभारी की भूमिका निभाई। इन दिनों अमर उजाला के स्टेट ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में हुई भर्ती में भ्रष्टाचार को उजागर किया। एक्सरे टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन और डार्क रूम सहायकों की भर्ती में एक नियुक्ति पत्र पर चार से पांच लोगों क कार्यभार ग्रहण कराने के मामले का खुलासा किया। सरकार हरकत में आई और आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट दर्ज होते ही मनमानी करने वाले नौकरी छोड़ कर भाग गए। इसी तरह बुंदेलखंड में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हुए भ्रष्टाचार को भी उजागर किया। बुंदेलखंड में बीमा कंपनियों, कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से नदी, रेल लाइन, तालाब, बंजर और सरकारी जमीन पर तमाम लोगों ने बीमा कराकर क्लेम ले लिया। यहां तक की झांसी सांसद अनुराग शर्मा की जमीन पर भी दूसरे
लोगों ने बीमा क्लेम ले लिया है। खबर लिखने के बाद जांच शुरू हुई और रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही करीब 180 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गलत बीमा लेने वालों से वसूली की कार्रवाई चल रही है।

कई अवार्ड हासिल कर चुके हैं चंद्रभान यादव
वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभान यादव के नाम कई अवार्ड हैं। उन्होंने विभिन्न जिलों में कार्य करते हुए कृषि, महिलाओं के विकास से जुड़े मुद्दों, स्वास्थ्य पर विशेष रिपोर्टिंग, बुंदेलखंड में सूखे, फसल बीमा योजना में बेईमानी, बदलाव पर ग्राउंड रिपोर्टिंग की। महिलाओं के जीवन संघर्ष आदि विषयों पर निरंतर विशेष रिपोर्ट‌िंग कर रहे हैं। चंद्रभान यादव को रीच फाउंडेशन की ओर से वर्ष 2019 में रीच मीडिया टीबी फेलोशिप, वर्ष 2020 में कार्डियोवस्कुलर डिजीज फेलोशिप, वर्ष 2023 में मधुमेह पर फेलोशिप मिल चुकी है। इसी तरह लाडली मीडिया एंड एडवरटाइजिंग अवार्ड फॉर जेंडर सेंसिटिविटी 2023 और 2025 में हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा महर्षि यूनिवर्सिटी की ओर से महर्ष‌ि महेश योगी एक्सीलेंस जर्नलिज्म अवार्ड 2025, अयोध्या प्रसाद मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से मीडिया अवार्ड विधान सभा अध्यक्ष द्वारा हासिल कर चुके हैं। श्री वासुदेव फाउंडेशन की ओर से वर्ष 2020 में बाल स्वास्थ्य रिपोर्टिंग मीडिया अवार्ड, कल्चरल सोसायटी लखनऊ की ओर से कोरोना वारियर्स अवार्ड, राष्ट्रीय समाजसेवी परिषद व इंडिया मेडिकोज आर्गनाइजेशन से कोरोना वारियर्स अवार्ड भी हासिल कर चुके हैं।

Related Articles

Back to top button