एसजीपीजीआई में ब्रेन डेड मरीज से निकाला गया लिवर, केजीएमयू के मरीज में लगाया
लखनऊ।। एसजीपीजीआई में भर्ती मरीज की ब्रांडेड होने पर परिजनों ने लिवर दान किया। यह लिवर 18 मिनट में एसजी पीजीआई के ट्रामा सेंटर से केजीएमयू पहुंचाया गया और लिवर से पीड़ित मरीज की जान बचाई गई।
लखनऊ निवासी 42 वर्षीय संदीप कुमार 07 फरवरी 2026 को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विभिन्न अस्पतालों में उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। 21 फरवरी की रात में उन्हें एसजीपीजीआईएमएस के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 22 को चार विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल दया उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया।परिजनों ने अंगदान की सहमति जताई।। इस पर राज्य आर्गन एंड टीसू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त निदेशक एवं एसजीपीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक राजेश हर्षवर्धन के मार्गदर्शन में लिवर रिट्रीवल एवं प्रत्यारोपण की योजना बनाई गई। सर्जिकाल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष सुप्रिया सभी एवं डॉ. राहूल के नेतृत्व में लिवर हार्वेस्ट कर ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से मात्र 18 मिनट से केजीएमयू पहुंचाया गया। केजीएमयू में पहले से पंजीकृत मरीज में लिवर प्रत्यारोपित किया गया। जबकि कार्निया व अन्य अंग दूसरे मरीज में प्रत्यारोपित किया जाएगा। यह पहला मल्टी-ऑर्गन डोनेशन है।

