
बसपा प्रमुख मायावती ने राजनीति दलों को ललकारा
कांग्रेस, सपा व भाजपा आदि इन पार्टियों की सोच संकीर्ण व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर विरोधी
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री मायावती ने बुधवार को राजनीतिक दलों को ललकारा। उन्होंने ऐलान किया कि दलितों की हिमायती सिर्फ बसपा है। अन्य दल वोट लेने के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। बसपा अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगी । मान्यवर श्री कांशीराम के पुण्यतिथि के मौके पर लखनऊ में आयोजित विशाल महारैली में भी इसकी खुली घोषणा की गई है
उन्होंने कहा कि बी.एस.पी. के लोगों को यह अच्छी तरह से मालूम है कि कांग्रेस, सपा व भाजपा आदि इन पार्टियों की सोच संकीर्ण व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर विरोधी होने के कारण, इनका अम्बेडकरवादी बी.एस.पी. से गठबंधन करने की नीति केवल इनके वोटों का राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ है। इनसे गठबंधन करने से बी.एस.पी. को केवल नुकसान ही नुकसान होता है, फायदा नहीं।। इसीलिये बी.एस.पी. के लोग अपने 2027 के मिशन में अकेले ही पूरे जी-जान से लगे हुये हैं. जिसपर से उन लोगों का ध्यान भटकाने के लिये ही इस प्रकार की घिनौनी साजिशें करते रहते हैं।
ऐसे में, पार्टी के सभी लोगों से यही अनुरोध है कि वे ऐसी अनर्गल व मनगढ़न्त बातों पर कतई भी ध्यान ना दें और वे हाथी की मस्त चाल चलते रहें तथा सन 2007 की तरह अकेले ही यह चुनाव लड़कर फिर से बी.एस.पी. की, पूर्ण बहुमत की अपनी सरकार जरूर बनायें।इतना ही नहीं जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आयेगा तो विरोधियों के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि के हथकण्डे तथा बी.एस.पी. को सत्ता से दूर रखने के षड्यन्त्र बढ़ते ही जायेंगे,
मीडिया पर जताया आक्रोश
उन्होंने कहा कि इन दिनों ‘अर्टिफिशयल इण्टेलिजेन्स’ अर्थात् एआई (AI) को सफलता की कुंजी बताने की स्वार्थी चर्चाओं के बीच अब मीडिया जगत में भी किसी ना किसी बहाने बी.एस.पी. के बारे में यह चर्चा है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी विधानसभा का होने वाला अगला चुनाव गठबंधन में लड़ेगी। यह बात विशुद्ध रूप से लोगों को गुमराह करने की नीयत वाला यह फेक न्यूज़ है। अर्थात् यह बिल्कुल गलत, झूठ, हवाहवाई, व मनगढ़न्त ख़बर हैं । ऐसे में नेताओं के साथ-साथ मीडिया को भी इस प्रकार की कटी पतंग जैसी उड़ान भरके अपना मज़ाक खुद उड़ाने से ज़रूर बचना चाहिये।
अब सही मिला है बंगला
उन्होंने कहा कि बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ विशेषकर सुरक्षा ख़तरों के मद्देनज़र दिल्ली में पहले की ही तरह का टाइप 8 का नया बंगला, काफी लम्बे समय के बाद अभी हाल ही में, अलाट होने के बारे में भी जो गलत व गुमराह करने वाली बी.एस.पी. को क्षति (नुकसान) पहुँचाने की बातें षडयंत्र के तहत् प्रचारित की जा रही हैं। उससे भी लोगों को अति-सावधान रहने की जरूरत है, जबकि वर्तमान सरकार ने भी टाईप 8 का बंगला मेरी सुरक्षा के हिसाब से अब सही अलाट करने से पहले कई और भी बंगले अलाट कर दिये थे, जो सुरक्षा कारणों से नहीं लिया है और यदि लिया भी था, तो उसे कुछ समय के बाद ही छोड़ दिया था। तब फिर, अन्त में अब मुझे टाइप-8 का सही बंगला अलाट किया गया है, जिसे मैंने स्वीकार भी कर लिया है जिसको लेकर भी अब किस्म किस्म की गलत बातें प्रचारित की जा रही हैं।
याद दिलाया गेस्ट हाउस कांड
उन्होंने कहा कि सपा सरकार के चलते व इनके मुखिया के इशारे पर ही दिनांक 02 जून सन् 1995 की लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस काण्ड में मुझ पर जानलेवा हमला होने के बाद अगले दिन दिनांक 03 जून 1995 को बी.एस.पी के नेतृत्व में यूपी में बनी पहली सरकार के समय से ही सुरक्षा कारणों से मुझे विशेष उच्च सुरक्षा तत्कालीन भारत सरकार द्वारा दी गयी थी। वह सुरक्षा खतरा कम होने के बजाय अब और भी बढ़ गया है। बी. एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते, फिर दिल्ली में टाइप-8 पूर्व में दिये गये 3 त्यागराज मार्ग के टाइप-8 के बदले में मिला है, जो सरकार द्वारा दिया गया था।

