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रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो अजय वर्मा की पुस्तक का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन 

चिकित्सा शिक्षकों को मरीजों का  डाटा इकट्ठा करके लेखन कार्य करना चाहिए – योगी 

हिंदी में किताब लिखने वाले लोहिया संस्थान के पहले डॉक्टर हैं प्रो अजय वर्मा 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को  डॉ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के षष्ठम स्थापना दिवस समारोह में यहां के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो अजय वर्मा की पुस्तक का विमोचन किया।। मुख्यमंत्री ने प्रो वर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि लगातार लेखन कार्य करने की जरूरत है।

प्रो0 अजय कुमार वर्मा की पुस्तक ‘सीओपीडी : सही जानकारी सही देखभाल’ पुस्तक साँस के गंभीर मरीजों की जागरूकता से संबंधित है। इसी तरह डॉ0 सौम्या सोनकर नाथ की पुस्तक ‘क्रिटिकल केयर पर्ल्स’ भी गंभीर मरीजों के लिए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संस्थान में लिखे जा रहे शोध पत्र इसकी पुष्टि करते हैं। आने वाले वर्षों की चुनौतियों के लिए संस्थान को क्लीनिकल, अकादमिक और रिसर्च एक्सीलेंस के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। अभी संस्थान की प्रारंभिक यात्रा है। इस यात्रा को आने वाले समय में और मजबूती देनी होगी।

मुख्यमंत्री ने संस्थान के दोनो फैकल्टी सदस्यों डॉ0 अजय कुमार वर्मा और डॉ0 एस0एस0 नाथ के प्रकाशनों के विमोचन का उल्लेख करते हुए कहा कि चिकित्सकों में लिखने की आदत होनी चाहिए। प्रत्येक मरीज अपने आप में एक प्रयोगशाला की तरह होता है। मरीज के प्रति चिकित्सक का व्यवहार भी उपचार और स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मरीज के साथ संवाद भविष्य के नवाचार और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण सामग्री उपलब्ध करा सकता है। यदि चिकित्सक प्रत्येक बिन्दु को व्यवस्थित रूप से दर्ज करें, तो उससे बेहतर अनुसंधान परिणाम सामने आ सकते हैं उन्होंने कहा कि आज का समय तकनीक का समय है। प्रत्येक क्षेत्र में सम्भावनाएँ हैं। हमें यह देखना होगा कि पारम्परिक चिकित्सा में कौन-कौन सी सम्भावनाएँ हैं, जिन्हें अपनाकर मरीजों को राहत दी जा सकती है और आधुनिक चिकित्सा में नई सम्भावनाओं को किस प्रकार आगे बढ़ाया जा सकता है। हमारे आसपास के देश हमारे ही डेटा के आधार पर शोध पत्र प्रकाशित करते हैं, जबकि हम अपने डेटा को संरक्षित नहीं कर पाते। हमारे पास प्रतिभा की कमी नहीं है। आज हमारे पास संसाधन, तकनीक और युवा कार्यबल है। आवश्यकता केवल दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ने की है। यही इच्छाशक्ति भारत को शक्ति बनने की दिशा में आगे ले जा रही है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश की पहली पसंद लोहिया संस्थान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से आने वाले बड़ी संख्या में मरीजों की पहली पहुँच इसी संस्थान तक होती है। पहले बड़ी संख्या में ऐसे मरीज आते थे, जिन्हें डायलिसिस की आवश्यकता होती थी। आज प्रदेश के सभी 75 जनपदों में जिला अस्पतालों में 10-10 बेड की निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध करायी जा चुकी है। मात्र 06 वर्ष की छोटी अवधि में संस्थान ने जिस गति से प्रगति की है, वह सराहनीय है। उन्होंने संस्थान के 40 बेड युक्त इमरजेंसी मेडिसिन वॉर्ड, मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 100 मरीजों हेतु वेटिंग हॉल, मुख्य चिकित्सा भवन में अंग प्रत्यारोपण यूनिट, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में 4-डी सी0टी0 सिमुलेटर मशीन, 1.5 टेस्ला एम0आर0आई0 मशीन, न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के अन्तर्गत स्पेक्ट सी0टी0 मशीन, पी0एम0आर0 विभाग में नेविगेटेड आर0टी0एम0एस0 मशीन तथा इण्डोब्रोन्कियल अल्ट्रासाउण्ड मशीन का लोकार्पण किया।।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान ने केवल अपनी फैकल्टी, पैरामेडिक्स और कार्मिकों को ही सम्मानित नहीं किया, बल्कि पिछले वर्षों में तय किए गए लक्ष्यों को भी पूरा करते हुए आगे बढ़ा है। आज ऑर्गन ट्रांसप्लाण्ट यूनिट का लोकार्पण किया गया है। बोन मैरो ट्रांसप्लाण्ट की सुविधा भी बहुत शीघ्र प्रारम्भ होने जा रही है। यह संस्थान की कार्ययोजना और आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमें बैठने के बजाय समय से दस कदम आगे चलकर सोचना होगा और उसी गति से कार्य करना होगा।

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