
विद्युत आपूर्ति संबंधी 41% शिकायतों का निस्तारण समय सीमा के बाद : उपभोक्ता परिषद।
लखनऊ। पावर कारपोरेशन ने संविदा कार्मिकों की छटनी ने बिजली से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। हालात यह है कि 41 फीसदी शिकायतें लंबित हैं। समय से फाल्ट ना ठीक करने की वजह से करोड़ का नुकसान हो रहा है ।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि 1 अप्रैल से 19 जुलाई तक प्रदेश में विद्युत आपूर्ति संबंधी शिकायतों के निस्तारण नहीं होने से लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। इस प्रकार के निर्णय से निश्चित तौर पर तकनीकी विभाग में अकुशलता जग जाहिर हो गई। उपभोक्ता परिषद द्वारा खुलासा किए गए रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में पूरे प्रदेश में विद्युत आपूर्ति संबंधी 45,91,692 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 45,87,165 शिकायतों का निस्तारण किया गया। इनमें 27,09,239 (59.00%) शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर हुआ, जबकि 18,77,926 (40.90%) शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के बाद किया गया। वर्तमान में 4,527 शिकायतें लंबित हैं।
अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर 24 घंटे में तीन गैंग कार्य करती हैं यानी 8 घंटे की शिफ्ट में केवल एक गैंग और एक उपकेंद्र से कई फीडर संचालित होते हैं। संविदा कर्मियों की कमी के कारण एक साथ कई स्थानों पर ब्रेकडाउन होने पर समयबद्ध तरीके से फॉल्ट दूर नहीं किए जा सके। इसका परिणाम यह हुआ कि बिजली उपलब्ध होने के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति नहीं मिल सकी।
डिस्कॉमवार समय सीमा के भीतर एवं समय सीमा के बाद शिकायतों के निस्तारण की स्थिति
| डिस्कॉम | समय सीमा के भीतर। | समय सीमा के बाद |
|---|---|---|
| पश्चिमांचल | 51.73% | 48.16% |
| दक्षिणांचल | 75.92% | 23.87% |
| मध्यांचल | 63.28% | 36.67% |
| पूर्वांचल | 45.68% | 54.21% |
| केस्को | 48.83% | 51.15% |
| उत्तर प्रदेश | 59.00% | 40.90% |

