
यूपी के इस सबसे लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को उत्तराखंड के हरिद्वार तक जोड़ा जाएगा।
मेरठ से प्रयागराज से मेरठ के बीच 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर देश के विकास का पहिया 29 अप्रैल यानी कल (बुधवार) से दौड़ने लगेगा। यूपी के इस सबसे लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को उत्तराखंड के हरिद्वार तक जोड़ा जाएगा। फिलहाल छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे को आने वाले समय में आठ लेन का किया जाएगा।
6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के 12 जिले और 519 गांवों से होकर गुजरेगा। इसमें मेरठ, बुलंदशहर, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे बड़े महानगर भी शामिल हैं। एक्सप्रेसवे पर 3.5 किमी लंबा एयरस्ट्रिप भी बनाया गया है। इस पर भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान भी आपात लैंडिंग कर सकेंगे।हरदोई में इस एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण समारोह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उप्र के साल 2027 में होने वाले चुनाव की नींव भी रखेंगे। 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने शाहजहांपुर में इसकी नींव रखी थी। ठीक उसके बाद 2022 में प्रदेश में विधानसभा के चुनावों में इसका फायदा भाजपा को मिला था। अब साल 2027 में चुनाव है। चीन और पाकिस्तान सीमा के नजदीक होने से गंगा एक्सप्रेसवे पर गांव पीरू के पास बनाई गई एयर स्ट्रिप न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि बाढ़ग्रस्त रहने वाले इस क्षेत्र में आपदा के दौरान दवाई व अन्य जीवनरक्षक सुविधा तत्काल मुहैया कराने में भी अहम साबित होगी।
पूर्वांचल और पश्चिम की दूरी होगी आधी, फायदा दोगुना
गंगा एक्सप्रेसवे से जिले के बड़े उद्योगों को अपना उत्पाद पूरब और पश्चिम तक पहुंचाने में न केवल आधा समय लगेगा बल्कि लागत भी कम हो जाएगी। एक्सप्रेसवे से शाहजहांपुर से मेरठ तक की करीब 270 किमी की दूरी महज तीन घंटे में पूरी हो जाएगी। प्रयागराज तक करीब 360 किमी का सफर महज चार घंटे में पूरा हो जाएगा। दोनों ही रास्तों पर वर्तमान में दोगुना समय लगता है

