उत्तर प्रदेशधर्म/अध्यात्म

काशी विश्वनाथ मंदिर में 15 मार्च से गूंजेंगे फूलदेई के पारंपरिक गीत

उत्तरकाशी। काशी विश्वनाथ मंदिर गुरुकुलम की ओर से लोकपर्व फूलदेई की परंपरा कायम है। आगामी 15 से 22 मार्च तक आठ दिवसीय अठूड़ पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। जिला मुख्यालय के 30 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत अजय पुरी ने बताया कि यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और युवा पीढ़ी के सहभाग का एक सुंदर संगम है। काशी विश्वनाथ गुरुकुलम के विद्यार्थी पारंपरिक विधि-विधान के साथ लगातार आठ दिनों तक फ्योंली एवं अन्य स्थानीय पुष्पों को घरों की देहरी और बाबा विश्वनाथ के चरणों में अर्पित करेंगे। यह बच्चे ढोल-दमांऊ के साथ फूलदेई की देवडोली बनाकर नगरवासियों के घर पर पहुंचते हैं। जनपद की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करेंगे। महोत्सव के दौरान सभी प्रतिभागी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर परिसर में एकत्रित होकर फूलदेई के पारंपरिक गीतों का सामूहिक गायन भी।

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