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पूर्वांचल में स्मार्ट मीटर लगने के बाद 31.19 फीसदी राजस्व बढ़ा

विद्युत उपभोक्ता परिषद ने उठाया सवाल

लखनऊ।। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में उपभोक्ताओं के परिसर वर्ष 2024 में जिन उपभोक्ताओं से 212 करोड़ राजस्व मिला , उन्हीं से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद 278 करोड़ राजस्व मिलने लगा। यानी उसमें 31.19% की वृद्धि हुई है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉरपोरेशन और सरकार से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। क्योंकि जब उपभोक्ताओं का बिजली का बिल बढ़ रहा है तो उनके मन में भ्रम स्वाभाविक है या तो पहले गड़बड़ था या अब गड़बड़ है।

पूरे प्रदेश में सभी बिजली कंपनियों में लगभग 72 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए चुके हैं, जिसमें से लगभग 63 लाख 63744 प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं ।। पिछले दिनों बिजली दर के मामले में जब स्मार्ट प्रीपेड मीटर का खर्चा उपभोक्ताओं से वसूलने की बात आई तो उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने सभी बिजली कंपनियों से स्मार्ट प्रीपेड मीटर का पूरा व्योरा तलब किया , जिसमें एक सवाल यह भी था कि जब स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के यहां नहीं लगा था तब उनका कुल राजस्व कितना आता था और जब स्मार्ट प्रीपेड लग गया तब कितना राजस्व आ रहा है। बिजली कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग में जो जवाब दाखिल किया है उसके मुताबिक पूर्वांचल में लगभग 23 लाख 32629 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाई जा चुके हैं । पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में वित्तीय वर्ष 2024 (जब स्मार्ट मीटर लागू नहीं थे) की तुलना में वित्तीय वर्ष 2025 (स्मार्ट मीटर लागू होने के पश्चात) इन सभी उपभोक्ताओं के कुल राजस्व संग्रह में 31.19% की वृद्धि दर्ज की गई है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में वर्ष 2024 में कुल राजस्व संग्रह 212.22 करोड़ था, जबकि वर्ष 2025 में यह बढ़कर 278.41 करोड़ हो गया।

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में त्रैमासिक विवरण (₹ करोड़ में)
तिमाही 2024 (बिना स्मार्ट मीटर) 2025 (स्मार्ट मीटर) वृद्धि %
(अप्रैल–जून) 47.96 63.69 32.80%
(जुलाई–सितंबर) 53.29 65.43 22.78%
(अक्टूबर–दिसंबर) 77.11 105.36 36.64%
(जनवरी–मार्च) 33.86 43.93 29.75%
कुल करोड़ 212.22 करोड़ 278.41 करोड़ 31.19%

उपभोक्ता परिषद ने उठाया सवाल

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा यह तो सिद्ध हो गया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की रीडिंग में अंतर आ रहा है । सभी बिजली कंपनियों में 8 से लेकर 15% तक रीडिंग बढ़ना लाजिमी है । जब पूर्वांचल का आंकड़ा सामने आया तो या सिद्ध हो गया कि या तो पहले जो मीटर लग रहा था उसमें कमियां है या वर्तमान में जो मीटर है इसमें कमियां है इसकी गहन जांच की आवश्यकता है और बिना जांच किए उपभोक्ताओं के मां का भ्रम दूर नहीं होगा।

पूर्वांचल में पूरे साल में औसत एक उपभोक्ता की रीडिंग वर्ष 2024 में 3874 आई थी । अब वह वर्ष 2025 में 4187 हो गई यानी लगभग 8% से ज्यादा बढ़ोतरी तो तय है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से उपभोक्ताओं की खपत बढ़ रही है। इस खपत की जांच कराई जाए।

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