
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईबीएम के एआई इनोवेशन सेंटर का किया उद्घाटन
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश डीप टेक, एआई व क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। डिजिटल इंडिया, आयुष्मान भारत और डीबीटी की सफलताओं का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में भारत समग्र और तकनीक आधारित विकास की दिशा में अग्रसर है। तकनीक के प्रभावी उपयोग से शासन की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री रविवार को लखनऊ में आईबीएम एआई इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग तथा आईबीएम के बीच हुए एमओयू के लिए आईबीएम इंडिया के सीईओ डॉ. अरविंद कृष्ण और उनकी पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद दिया। साथ ही कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के इस इनीशिएटिव को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं यहां आकर इस अभियान को अपना सकारात्मक योगदान दिया है। डॉ. अरविंद कृष्ण ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश और भारत भूमि के साथ अपने भावनात्मक संबंधों को भी इस मंच के माध्यम से हम सबके सामने प्रस्तुत किया। हम सभी को इस बात पर गर्व है कि देश का पहला कंप्यूटर आईबीएम ने आईआईटी कानपुर में स्थापित किया था। इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र हो या फिर आज का डीप टेक क्षेत्र, पिछले 11 वर्ष में भारत ने जिन ऊंचाइयों को प्राप्त किया है, वह अद्भुत है। हाल में इंडिया एआई इंपैक्ट समिट का आयोजन दिल्ली में हुआ था। वहां वैश्विक नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन को सराहा। उनकी लीडरशिप में डिजिटल इंडिया ने सफलता की कहानी लिखी, 140 करोड़ भारतवासियों को अपना डिजिटल पहचान पत्र मिला, जिससे 50 करोड़ लोग आयुष्मान भारत की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। लोग डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी बैंकिंग सुविधा और शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में गौतमबुद्ध नगर में प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला भी रखी गई है।
सीएम ने कहा कि गत वर्ष मुझे आईआईटी कानपुर में डीप टेक पर आधारित कॉन्फ्रेंस में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर से मेरी बात भी हुई। हम लोग मेडटेक पर मिलकर काम कर रहे हैं। यूपी के हालिया बजट में रोबोटिक्स में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है। इससे पहले ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए सरकार ने बजट में व्यवस्था की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक सेक्टर में टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश के अंदर प्रत्येक तबके को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान आईबीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए, जिससे राज्य के विकास के दीर्घकालीन लक्ष्यों को एआई आधारित प्रशासन से जोड़ा जा सकेगा। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के साथ मिलकर यह सेंटर विभिन्न विभागों में एआई आधारित उपयोगों को विकसित करेगा और भिन्न-भिन्न विभागों में डिजिटल व एआई क्षमता को मजबूत करेगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय के साथ मिलकर कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों और शिक्षकों के लिए एआई साक्षरता कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिससे उन्हें एआई की बुनियादी जानकारी और भविष्य की चुनौतियों के लिये जरूरी व्यावहारिक अनुभव व कौशल मिल सके।
