बजट 2026-27 में ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिए पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक बजट का प्रस्ताव
ग्रामीण-शहरी विद्युत आपूर्ति सुदृढ़, हरित ऊर्जा पर दोगुना जोर, 22,000 मेगावॉट का लक्ष्य तय
लखनऊ। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि योगी सरकार उत्तर प्रदेश को ऊर्जा उत्पादन, आपूर्ति और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। बजट में ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिए 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है।
बिजली आपूर्ति में सुधार, ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता
सरकार के अनुसार दिसंबर 2025 तक औसत विद्युत आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्रों में 19 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 21 घंटे 49 मिनट, जनपद मुख्यालयों पर 24 घंटे सुनिश्चित की गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बिजली आपूर्ति के मोर्चे पर राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 1 अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक 2,41,088 निजी नलकूप संयोजन जारी किए गए हैं। सामान्य योजना के अंतर्गत वर्ष 2017-18 से अब तक 1,66,135 नलकूप संयोजन दिए जा चुके हैं। कृषि कार्य हेतु अलग फीडर निर्माण योजना के तहत 4,680 के लक्ष्य के सापेक्ष 4,048 कृषि फीडरों का निर्माण किया जा चुका है, जिन पर 10 घंटे विद्युत आपूर्ति दी जा रही है जो देश में सर्वाधिक बताई गई है।
उपकेंद्रों और ट्रांसफॉर्मरों का व्यापक विस्तार
1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्रों का निर्माण व क्षमता वृद्धि, 20,924 नए वितरण ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना, 85,684 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि की गई है। वहीं, राज्य की पारेषण क्षमता वर्ष 2016-17 के 17,890 मेगावॉट से बढ़ाकर वर्ष 2025-26 में 32,500 मेगावॉट कर दी गई है, जो 82 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

