
अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई, ड्रोन-सीसीटीवी से होगी 24 घंटे निगरानी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं एक समान और उच्च स्तर की हों तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अफवाह, मिलावट, ओवररेटिंग या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
शुक्रवार को शासन स्तर पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी पुलिस आयुक्तों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मेरठ जोन की कार्ययोजना को अन्य सभी जोनों में लागू करने के निर्देश दिए और कहा कि स्थानीय प्रशासन कांवड़ संघों से लगातार संवाद बनाए रखे तथा सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। मार्गों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था हो। एंटी वेनम, एंटी रैबीज सहित आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें तथा प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें बंद रहें। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और ओवररेटिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होना चाहिए तथा डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप ही रहे।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और नियमित पेट्रोलिंग के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों और अफवाहों का तत्काल खंडन करते हुए ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों और घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा एवं सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण, चकबंदी विवादों के निष्पक्ष समाधान, जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद तथा कोटेदारों के उत्पीड़न और बिजली की ओवर बिलिंग की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

