उत्तर प्रदेशउत्तराखंड

प्रो सुधीर कुमार वर्मा को मिला गोल्ड मेडल

चिकित्सा शिक्षक बनने के बाद फिर से पढ़ाई और हासिल किया डीएम हेपेटॉलजी डिग्री

प्रो सुधीर कुमार वर्मा के बाद केजीएमयू के कई चिकित्सा शिक्षकों में लगी उच्च डिग्री हासिल करने की होड़

लखनऊ। पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती है। यह साबित किया केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के डॉ सुधीर कुमार वर्मा ने। वे केजीएमयू के चिकित्सा शिक्षक बनने के कुछ दिन बाद फिर से पढ़ाई में जुट और देश के सबसे उच्च रैंक वाले संस्थान से डीएम हेपेटॉलजी में गोल्ड मेडल हासिल किया है।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के मेडिसिन विभाग की हेपेटोबिलियरी यूनिट के डॉ. सुधीर वर्मा ने कार्य करते हुए कई गंभीर मरीजों की जान बचाई। इसके बाद वह इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज़ से डीएम हेपेटोलॉजी की उपाधि प्राप्त की है। नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज़ (आईएलबीएस) के 10वें दीक्षांत समारोह में भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा तथा दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने उन्हें गोल्ड मेडल प्रदान किया। इस उपलब्धि पर केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद तथा मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं डीन अकादमिक प्रो. वीरेन्द्र आतम ने डॉ. सुधीर को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि केजीएमयू एवं आईएलबीएस दोनों संस्थानों की शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक है तथा युवा चिकित्सकों को अनुसंधान एवं उत्कृष्ट रोगी सेवा के लिए प्रेरित करेगी।

डॉ. सुधीर ने इस सम्मान का श्रेय अपने गुरु प्रो. एस. के. सरीन, अपने माता-पिता, परिवारजनों एवं सभी शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें यकृत एवं पित्त रोगों के क्षेत्र में उत्कृष्ट रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।

डॉ. सुधीर की इस उपलब्धि पर केजीएमयू एवं आईएलबीएस के संकाय सदस्यों, चिकित्सकों, रेजिडेंट्स एवं विद्यार्थियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

Related Articles

Back to top button