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1000 बच्चों को बांटी पुस्तकें, आरक्षण बचाने का संकल्प 

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने धूमधाम से मनाया डॉ आंबेडकर जयंती 

लखनऊ। आरक्षण समर्थकों ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई । इस दौरान 1000 बच्चों को कॉपी किताब और पेंसिल का वितरण कर बाबा साहब की शिक्षा को सशक्तिकरण की दिशा में शिक्षित बनो संगठित रहो संघर्ष करो के विचार को आगे बढ़ाया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 8 बजे बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई, जिसमें बड़ी संख्या में अनुयायियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से ही बाबा साहब के अनुयायियों को पानी की बोतलों का वितरण किया गया, साथ ही 10 कुंतल भोजन, फल एवं मिष्ठान का भी व्यापक रूप से वितरण किया गया। इस सेवा कार्य में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में समिति द्वारा 1000 बच्चों को कॉपी, पेंसिल एवं पुस्तकें वितरित की गईं। समिति ने यह भी घोषणा की कि यह शिक्षा सहयोग अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा, जिससे वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जा सके।

इस अवसर पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के प्रमुख संयोजक अवधेश कुमार वर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर शिक्षा को सशक्तिकरण, समानता और सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते थे। उनका संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भीम गीत एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न आयोजन भी किए गए। समिति के पदाधिकारियों ने सभी लोगों से ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की अपील की। सुबह से शुरू हुआ भंडारा देर शाम तक चलता रहा। करीब 10 कुंतल से अधिक भोजन और फल बांटा गया।

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजकों  अवधेश कुमार वर्मा, रामसबद जैसवारा , आरपी केन,  पी एम प्रभाकर, अजय कुमार,  श्यामलाल, बनी सिंह , लेखराम, दिनेश कुमार, प्रेमचंद, जितेंद्र कुमार ,प्रभु शंकर ,निवास राव, अमित, रीना रजक अनीता, अंजली गौतम, धीरेंद्र कुमार, एमके अहिरवार, आदर्श कौशल, यदुनाथ, राम कमलेश कुमार ,सुनील कनौजिया, चमन लाल, राम अवतार, रचित रावत आदि ने बाबा साहब द्वारा बताई गई संवैधानिक व्यवस्था को आत्मसात करने का संकल्प लिया । 

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