
बिजली आपूर्ति में प्रदेश दूसरे स्थान पर
लखनऊ। देश में बिजली आपूर्ति की स्थिति के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिजली की मांग (ऊर्जा आवश्यकता) और आपूर्ति के मामले में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और राजस्थान देश के शीर्ष पांच राज्य रहे हैं। इन राज्यों में बिजली की मांग और आपूर्ति दोनों ही देश में सबसे अधिक दर्ज की गई है। जिसमें महाराष्ट्र पहले नंबर पर था और उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर सभी को पता है कि उत्तर प्रदेश में कंज्यूमर राइट रूल 2020 लागू होने के बाद अभी भी रोस्टर समाप्त नहीं हुआ जबकि पूरे देश में सभी राज्यों में रोस्टर समाप्त हो गया है उत्तर प्रदेश में यदि रोस्टर समाप्त हो जाए तो उत्तर प्रदेश की आवश्यकता सबसे अधिक एक वित्तीय वर्ष में होगी। जो देश के किसी भी राज्य से सबसे अधिक होगी आज भी यदि रोस्टर समाप्त हो जाए तो उत्तर प्रदेश 2 लाख मिलियन यूनिट को क्रॉस कर जाएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष वह देश की सर्वोच्च ऊर्जा की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कंस्यूमर राइट रूल के तहत उत्तर प्रदेश में तत्काल रोस्टर समाप्त कर देश के कानून के तहत सभी को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की उत्तर प्रदेश सरकार से गर्मी के पहले मांग उठाई है और कहां है कि अभी आज की बात कर ले तो आज उत्तर प्रदेश में सभी को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा चुकी है यूपीएसएलडीसी के आंकड़े बता रहे हैं कि 5मार्च को प्रदेश में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की गई है जब होली में की जा सकती तो पूरे गर्मी में और ठंडी में क्यों नहीं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में शीर्ष पांच राज्यों की बिजली आवश्यकता और आपूर्ति इस प्रकार रही—
- महाराष्ट्र –
ऊर्जा आवश्यकता: 2,01,816 मिलियन यूनिट (MU)
ऊर्जा आपूर्ति: 2,01,757 मिलियन यूनिट (MU) - उत्तर प्रदेश –
ऊर्जा आवश्यकता: 1,65,090 मिलियन यूनिट (MU)
ऊर्जा आपूर्ति: 1,64,786 मिलियन यूनिट (MU) - गुजरात –
ऊर्जा आवश्यकता: 1,51,878 मिलियन यूनिट (MU)
ऊर्जा आपूर्ति: 1,51,875 मिलियन यूनिट (MU) - तमिलनाडु –
ऊर्जा आवश्यकता: 1,30,413 मिलियन यूनिट (MU)
ऊर्जा आपूर्ति: 1,30,408 मिलियन यूनिट (MU) - राजस्थान –
ऊर्जा आवश्यकता: 1,13,833 मिलियन यूनिट (MU)
ऊर्जा आपूर्ति: 1,13,529 मिलियन यूनिट (MU)
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बिजली की मांग और आपूर्ति दोनों के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। इसके बावजूद प्रदेश के कई क्षेत्रों में अभी भी रोस्टर प्रणाली लागू है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष वह देश की सर्वोच्च ऊर्जा की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यदि उपभोक्ता अधिकार नियम 2020 की धारा-10 के तहत प्रदेश में रोस्टर व्यवस्था समाप्त कर सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जाए, तो प्रदेश में बिजली की वास्तविक मांग और भी अधिक सामने आएगी और उत्तर प्रदेश बिजली खपत के मामले में देश में सबसे ऊपर भी पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि जब प्रदेश पहले से ही बिजली आपूर्ति के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है, तब उपभोक्ताओं को रोस्टर से मुक्त कर समान रूप से 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना समय की मांग है।

