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विधानसभा में जबरदस्त हंगामा, पांच मिनट ही बोल पाए सीएम योगी

सपा विधायक पर भड़के सतीश महाना, सदन बुधवार 11 बजे तक के लिए स्थगित

लखनऊ। विधानसभा में मंगलवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। हंगामे के बीच कई विधेयक और अनुपूरक बजट पास कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बोलना शुरू किया तो हंगामा तेज हो गया। शोर शराबे के बीच वह पांच मिनट ही बोल पाए। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने बुधवार 11 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया।

सीएम योगी जैसे ही चढ़ावा चोरी पर बोलने के लिए खड़े हुए वैसे ही सपा के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर कटाक्ष करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अनुपूरक बजट पर यह चर्चा प्रदेश की 25 करोड़ जनता को ध्यान में रखकर की गई है। इस चर्चा का विषय पहले से तय था। बावजूद इसके विपक्ष ने चर्चा को करने के बजाय हंगामा करना उचित समझा। सीएम योगी ने हंगामे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह आचरण शर्मनाक है। अनुपूरक बजट का एजेंडा पहले ही तय हो गया था। इस पर विरोधी दलों के लोगों ने रुचि नहीं ली। बल्कि दूसरे मुद्दों पर वह व्यवधान डाल रहे हैं। विपक्ष का न तो चर्चा पर विश्वास है और न ही संवैधानिक परंपराओं पर। यह रवैया विपक्ष का सदैव रहा है। विपक्ष लगातार सदन में व्यवधान डालता रहा है। 

विधायक सचिन ने सीएम की दिखाई तस्वीर, आक्रोशित हुए महाना

जब सीएम योगी इस अनुपूरक बजट पर चर्चा कर रहे थे उसी दौरान एक विपक्षी विधायक ने सीएम से जुड़ी कोई तस्वीर दिखाई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना नाराज हो गए। उन्होंने उस विधायक को सदन से बाहर करने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि इन्हें पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर किया जा रहा है। नाराज सतीश महाना ने कहा कि  वह दोबारा ऐसा करते हैं तो विशेषाधिकार नोटिस लाकर उनकी सदस्यता खत्म कर देंगे।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सीएम योगी बोले-

सदन से निकलकर सीएम योगी ने पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि मामले में एसआईटी गठित की गई। कैमरे में जो लोग दिखे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जांच के बीच एससी ने एसआईटी के पुनर्गठन की बात कही। एसआईटी जांच में कोई भी साधु संत दोषी नहीं मिले। ऐसे में साधु संतों और 1100 कर्मचारियों पर आक्षेप लगाना बड़ी आश्चर्य की बात है। ये आरोप वो सपा और कांग्रेस लगा रही है, जिन्होंने सदैव रामजन्मभूमि और भगवान राम का अपमान किया है।  उन्होंने कहा कि एक समय में सपा ने पवित्र सरयू नदी को रक्तरंजित किया था। संसद के अंदर सपा और कांग्रेस के सांसदों द्वारा जो आक्षेप किए गए, वो सीधे सीधे सनातन का अपमान था। इनका आचरण सनातन विरोधी है। इस प्रकरण में जो लोग भी पकड़े गए हैं, उनका भाजपा और साधु संतों से कोई लेना देना नहीं है। इन लोगों ने सदैव राम मंदिर का विरोध किया। ये वही लोग हैं जो 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण के बाद भी नहीं गए। आस्था की चर्चा वो लोग कर रहे हैं, जो लोग हिंदुओं और सनातन परंपरा को हमेशा कटघरे में खड़ा करते रहे हैं। ये लोग चर्चा से भागना चाह रहे हैं। 

यूपी की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा विपक्ष 

जब पीठ ने दूध का दूध, पानी का पानी करने की बात कही तो इन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। सपा और कांग्रेस का ऐसा आचरण सनातन का अपमान और 25 करोड़ जनता पर कुठाराघात है। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं, किसान अब सुसाइड नहीं कर रहा है। आज यूपी ने खुद को देश में टॉप थ्री इकोनॉमी में खड़ा किया है। जिन लोगों ने नौजवानों के हक पर डकैती डाली थी। आज वही सपा फिर देश के अंदर यूपी की छवि धमिल करने की कोशिश कर रही है। अध्यक्ष पीठ का अपमान और मार्शलों के साथ धक्कामुक्की करने की हम निंदा करते हैं। इन लोगों ने माहौल को खराब करने की कोशिश की। इनका आचरण सांविधानिक मूल्यों को तार तार करने वाला है। यूपी के धार्मिक पर्यटन को आगे बढ़ने से रोकने का कुत्सित प्रयास है। हम इसकी निंदा करते हैं।  

ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के लिए इतना बजट

ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए ग्राम्य विकास विभाग को ₹8,103.51 लाख राजस्व तथा ₹14,18,471.95 लाख (लगभग ₹14,184.72 करोड़) का पूंजीगत आवंटन प्राप्त हुआ है। ऊर्जा क्षेत्र (बिजली व्यवस्था) के लिए कुल मिलाकर ₹7,02,227.00 लाख (भारित राशि सहित) राजस्व मद में और ₹40,000.00 लाख पूंजीगत मद में आवंटित किए गए हैं। वहीं स्थानीय निकायों और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग को ₹15,633.00 लाख का राजस्व तथा ₹13,998.00 लाख का पूंजीगत बजट प्रदान किया गया है।

कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के लिए इतना बजट

कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों की बात करें तो कृषि विभाग को ₹13,237.76 लाख राजस्व और ₹15,900.00 लाख पूंजीगत विकास के लिए दिए गए हैं। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के हिस्से में ₹24,480.37 लाख राजस्व और ₹1,005.02 लाख पूंजीगत आवंटन आया है। पशुपालन विभाग के लिए ₹2,497.84 लाख राजस्व व ₹4,486.66 लाख पूंजीगत, दुग्ध विकास विभाग के लिए ₹20,425.10 लाख राजस्व, मत्स्य विभाग के लिए ₹300.00 लाख राजस्व व ₹600.00 लाख पूंजीगत, तथा भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग को ₹200.00 लाख का राजस्व बजट मंजूर हुआ है।

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