
उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से आ रही है नकली दवाएं
लखनऊ। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और एस टी एफ ने बुधवार को कई नामी दवा कंपनियों के नाम पर स्प्यूरियस (नकली) दवाइयाँ बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यहां से तैयार होने वाली नकली दवाएं उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में पहुंच रही हैं

नकली एवं अवैध औषधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) एवं गाज़ियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने देहरादून के देवीपुर, न्यू हाईवे रोड, परवाल क्षेत्र में छापा मारा। यह कार्रवाई करते हुए सिप्ला, ल्यूपिन, डॉ रेड्डी, एल्डर, मैनकाइंड, सन फार्मा जार्डस सहित दर्जनभर कंपनियों के रैपर, पैकेट अन्य सामग्री मिली है।
हालिया मामलों की मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:
दिल्ली और उत्तराखंड में बड़ी कार्रवाई (जुलाई 2026) मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराज्यीय नेटवर्क के मास्टरमाइंड मोहम्मद अकदस सिद्दीकी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नामी कंपनियों (जैसे Abbott, Intas, GSK) की नकली दवाइयां बना रहा था।
- उत्तराखंड में फैक्ट्री सील: एसटीएफ और औषधि प्रशासन ने बाजपुर के औद्योगिक क्षेत्र में चल रही ‘कोविल बायोटेक’ नामक अवैध फैक्ट्री को पकड़ा। वहां से 1 लाख से अधिक नकली टैबलेट और 15 हजार सिरप की बोतलें जब्त की गईं।
2. उत्तर प्रदेश (लखनऊ और आगरा) सिंडिकेट (जुलाई 2026)
- लखनऊ में छापेमारी: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने लखनऊ में 25 दवा फर्मों पर छापा मारकर करीब 26 लाख रुपये की नकली दवाएं जब्त कीं।
- राजस्थान से जुड़ाव: जांच में सामने आया है कि ये नकली दवाएं राजस्थान में तैयार होती थीं और बसों व ऑनलाइन पेमेंट (PhonePe) के जरिए यूपी के जिलों में भेजी जाती थीं।
- आगरा का बैच नंबर खेल: आगरा के फव्वारा दवा बाजार में ड्रग विभाग ने खुलासा किया कि जालसाज असली कंपनियों के 10 डिब्बे खरीदकर उसी बैच नंबर पर अवैध फैक्ट्रियों में 1000 नकली डिब्बे तैयार कर रहे थे।
3. मुखर्जी नगर, दिल्ली रैकेट (मई 2026)
- रेजिडेंशियल फ्लैट में फैक्ट्री: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुखर्जी नगर की इंदिरा विकास कॉलोनी में एक घर के अंदर चल रही फैक्ट्री को पकड़ा।
- गंभीर बीमारियों की नकली दवा: यहां कैंसर, हेपेटाइटिस बी, एंटीवेनम (सांप काटने की दवा) और एंटी-रेबीज के नकली टीके बनाए जा रहे थे। इसकी मुख्य सप्लाई रेलवे के माध्यम से गुवाहाटी और कोलकाता जैसे उत्तर-पूर्वी इलाकों में होती थी।
4. 50 करोड़ का महा-सिंडिकेट (फरवरी 2026)
- बिहार में दो फैक्ट्रियां सील: दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बिहार के गया और पटना में चल रही दो अवैध फैक्ट्रियों को सील किया।
- नशीला पाउडर बरामद: इस कार्रवाई में लगभग 50 करोड़ रुपये का रॉ मटेरियल और नकली दवाएं जब्त की गईं, जिनमें ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसे प्रतिबंधित नशीले पाउडर शामिल थे।

