
संजय गांधी पीजीआई कर्मचारी महासंघ का चुनाव।
लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के कर्मचारी महासंघ चुनाव में धर्मेश कुमार अध्यक्ष चुने गए। वह पहले महासचिव थे।। वही महासचिव पद पर कर्मचारी हितों को लेकर संघर्ष करने वाली सीमा शुक्ला विजयी हुई है। शुक्रवार देर रात चुनाव परिणाम जारी होते ही कर्मचारियों ने उन्हें फूल माला पहनाकर बधाई दी।।

इस चुनाव में कर्मचारी उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबले के बीच विभिन्न पदों पर मतगणना देर तक चली। इसमें अध्यक्ष पद पर धर्मेश कुमार ने 596 मत प्राप्त कर जीत हासिल की, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी मनोज वर्मा को मात्र 381 वोट से ही संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में अध्यक्ष पद पर जबरदस्त घेराबंदी हुई थी, लेकिन धर्मेश कुमार हर चाल को मात देने के कामयाब रहे। महासचिव पद पर नर्सिंग कैडर की सीम शुक्ला विजयी रहीं। उन्हें रिकॉर्ड 719 मत मिले ।। सीमा की उनके जुझारूपन का फायदा मिला। उनके प्रतिद्वंदी ललित मोघा को 380 वोट से संतोष करना पड़ा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष के दो पदों पर अजय कुमार (497) और मंजू लता यादव (481) विजयी रहीं। अन्य प्रत्याशियों में सुनीता सिंह (428), दीप्ति वर्मा (383) और रामपाल (207) को क्रमशः वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर डॉ. नीलमणि ने 630 मत पाकर जीत दर्ज की, जबकि अंकुश वैद को 380 वोट मिले।संयुक्त मंत्री पद पर सुनील कुमार (482) ने अभयानंद मिश्रा (465) को कड़े मुकाबले में हराया। कोषाध्यक्ष पद पर संदीप कुमार ने 725 मत पाकर जीत दर्ज की, जबकि वीरेंद्र यादव को 453 वोट मिले। संगठन मंत्री पद पर अंकिता पांडेय (407) विजयी रहीं, उन्होंने वैभव श्रीवास्तव (366) को हराया। कार्यालय मंत्री पद पर बृज भूषण यादव ने 571 मत हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि चंद्र प्रभा को 447 वोट मिले। प्रचार मंत्री पद पर सुनील रूपजी (467) विजयी रहे, उन्होंने प्रीती मौर्या (326) को हराया। इसी तरह कार्यकारिणी सदस्य के रूप में श्रीकृष्ण पाल सिंह, गौरव श्रीवास्तव, ज्ञान सिंह, निखिल सक्सेना, वसीम अहमद और श्रीमती अचला मिश्रा निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष धर्मेश कुमार ने सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। कहा कि जिस उम्मीद के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है। उसे निभाएंगे।। कर्मचारी हितों की अनदेखी नहीं होने देंगे। सीमा शुक्ला ने कहा कि संस्थान में आधी आबादी के अधिकार को लेकर निरंतर संघर्ष किया जाएगा। महिलाओं के लिए किसी तरह की कोताही नहीं होने दी जाएगी। काम का बेहतर माहौल बने। सभी को सम्मान मिले, इसके लिए हर स्तर पर सक्रिय रहेंगी।।

