नित्यानंद राय और सम्राट चौधरी के बीच कांटे की टक्कर
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन करते ही नए सीएम के चेहरे पर निगाहें लगी हैं। यहां चार प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं। लेकिन सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय के बीच खड़ा मुकाबला माना जा रहा है। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि भाजपा अपने इतिहास को दोहराते हुए मध्य प्रदेश और राजस्थान की तरह कोई ऐसा चेहरा सामने लाती है जिस पर अभी तक किसी का ध्यान ही नहीं गया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाने का फैसला किया है। बिहार में पहली बार बीजेपी का सीएम होगा। इसलिए कई बड़े नेताओं के नाम सीएम पद की रेस में चल रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पटना में रुके रहने से चर्चाओं का बाजार सरगर्म है। बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए दिलीप जायसवाल, संजीव चौरसिया, सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय के नाम की चर्चा हो रही है। इसके अलावा भी कई अन्य नाम के कयास लगाए जा रहे हैं।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मजबूती यह है कि वह उप मुख्यमंत्री हैं। ओबीसी वर्ग के कुशवाहा समाज से आते हैं। नीतीश कुमार के साथ सरकार में काम करने का अनुभव भी हासिल किया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ओबीसी के यादव समाज से आते हैं और पिछले छह वर्षों से केंद्र में गृहमंत्री अमित शाह के जूनियर मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। इन्हें लालू प्रसाद यादव के विकल्प के रूप में भाजपा आगे कर सकती है।
बिहार की राजनीति में यादव वोट बैंक पर परंपरागत रूप से लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव दबदबा है। तीसरे दावेदार बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल का नाम भी चर्चा में है। वह ओबीसी वैश्य समुदाय से आते हैं।। चौथे दावेदार पांच बार के विधायक संजीव चौरसिया है । वह है भी ओबीसी समाज के तहत आने वाली तमोली जाति से आते हैं।

