
25 चीनी नागरिक भी गायब, नेपाल बाढ़ में मृतकों का आंकड़ा 177 हुआ
राहत एवं बचाव कार्य जारी, कई देशों ने मदद के लिए बढ़ाए हाथ
लखनऊ। नेपाल में बाढ़ के बाद राहत अभियान तेज हो गया है। गुरुवार को काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 40 से ज्यादा निजी हेलिकॉप्टरों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए उड़ान भरी। इनमें रासुवा समेत कई प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं। अब तक 270 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। 800 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। भारत के 100 से ज्यादा लोग गायब है, जबकि चीन के 25 नागरिक भी गायब हो गए हैं। नेपाल में आई आपदा से निपटने के लिए भारत सहित कई देश ने हाथ बढ़ाया है।
बाढ़ पीड़ितों से नेपाल सेना इन उड़ानों का समन्वय कर रही है। राहत सामग्री को संग्रह केंद्र से निजी हेलिकॉप्टरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सेना की 14वीं बटालियन संभाल रही है। गृह मंत्रालय भी राहत और बचाव के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद कुछ हेलिकॉप्टरों को इस्तेमाल करने की तैयारी में है। नेपाल सेना के हेलिकॉप्टर लगातार प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, गुरुवार को 93 और शव बरामद किए गए। सुरक्षाकर्मी और स्थानीय लोग मलबा हटाकर बंद सड़कों को फिर से खोलने में जुटे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खानाल ने कहा है कि भीषण बाढ़ ने कुछ ही घंटों में कई कस्बों और बस्तियों को तबाह कर दिया। उन्होंने इसे हाल के समय में देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताया। उन्होंने भारत और अन्य देशों से मिली मदद के लिए आभार जताया और कहा कि तत्काल राहत के साथ लंबे समय तक पुनर्निर्माण की भी जरूरत होगी। पोखरा, काठमांडू, चितवन, लुंबिनी और एवरेस्ट क्षेत्र में पर्यटन जारी है। नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 177 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस आपदा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

यहां – यहां मिले शव
ये शव भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के किनारे बसे कई जिलों से बरामद किए गए, जिनमें रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर शव नेपाल के दक्षिणी मैदानी इलाके चितवन से बरामद किए गए। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि नेपाली सेना ने गुरुवार सुबह बचाव अभियान चलाया और बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक, टिमुरे से 95 नेपाली नागरिकों और 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, गुरुवार सुबह 11 बजे तक 826 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। इनमें से 579 पर्यटक थे।



