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बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, कई साल से कैंसर की चपेट में थे

दिल्ली के निजी अस्पताल में हुआ निधन
लखनऊ। बलिया के रसड़ा से बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार शाम दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। वह यूपी में बसपा के अकेले विधायक थे और बसपा सुप्रीमो मायावती के भरोसेमंद नेताओं में शुमार किए जाते थे।
उमाशंकर सिंह बीमारी के बावजूद राजनीति में खासा सक्रिय थे। दो दिन पहले उन्होंने अस्पताल से फोन कर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को सपा विधायक आलम बदी के निधन पर अपनी और पार्टी की तरफ से शोक संवेदना व्यक्त की थी। विधानसभा अध्यक्ष ने उनके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि उमाशंकर सिंह का निधन प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। इसी तरह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उमाशंकर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया।

दयाशंकर सिंह के साथ विवाद को लेकर भी रहे चर्चित

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के बीच राजनीतिक और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर तीखा विवाद चर्चा में रहा है। दोनों नेता बलिया क्षेत्र से आते हैं और ठाकुर समुदाय से संबंधित हैं
बलिया में एनएच-31 पर स्थित कटहल नाला के नवनिर्मित पुल को बिना सूचना और उद्घाटन के यातायात के लिए खोले जाने से यह विवाद शुरू हुआ मंत्री दयाशंकर सिंह ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को फटकार लगाई और आरोप लगाया कि ये अधिकारी बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के इशारे पर काम कर रहे हैं। उमाशंकर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंत्री को नसीहत दी कि पुल केंद्र सरकार/एनएचएआई के अधीन है। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उन्होंने अपने आरोप और कारनामों को उजागर करना शुरू किया, तो मंत्री को छुपने की जगह नहीं मिलेगी।स्थानीय स्तर पर इसे पूर्वांचल और बलिया की राजनीति में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखा जाता है।व्यक्तिगत बयानबाजी: यह विवाद समय-समय पर तीखे बयानों और एक-दूसरे पर विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोपों के साथ राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा है।

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