
कैबिनेट बैठक में 21 प्रस्तावों पर लगी मुहर, क्षेत्र में प्रयागराज, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, कौशाम्बी और फतेहपुर जिले शामिल
लखनऊ। प्रदेश में प्रयागराज- चित्रकूट विकास क्षेत्र का गठन किया जाएगा। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस प्राधिकरण से छह जिले को फायदा मिलेगा। इसमें प्रयागराज, चित्रकूट के अतिरिक्त बांदा, हमीरपुर, कौशाम्बी और फतेहपुर जिले को शामिल किया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे, जन-कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में राज्य के ढांचागत विकास को नई गति देने के साथ-साथ किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। प्रदेश के दक्षिणी इलाके में औद्योगिक, आर्थिक और रोजगार के अवसरों को व्यापक रूप से बढ़ावा देने के लिए जल्द ही प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र का गठन होगा। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद इसका प्रस्ताव प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने तैयार किया है। इसमें प्रयागराज सहित छह जिले शामिल होंगे। प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र में प्रयागराज, चित्रकूट के अतिरिक्त बांदा, हमीरपुर, कौशाम्बी और फतेहपुर जिले को शामिल किया जाएगा। प्रस्तावित क्षेत्र 23107.90 वर्ग मीटर में फैला हुआ है, जिसमें 28 तहसीलें और 64 विकास खंड शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से इलाके को समृद्ध कर पर्यटन, कृषि उद्योग और आर्थिक गतिविधियों के लिए विकसित करना है। मंडलायुक्त ने कहा कि इसके माध्यम से रोजगार सृजन, कनेक्टिविटी सुधार और सामाजिक विषमताओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य एक साथ एक छतरी के नीचे बाहर निकले। दोनों उप मुख्यमंत्रियों की मुस्कराती हुई यह तस्वीर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। तस्वीर ने साफ संदेश दिया कि सरकार के दोनों प्रमुख चेहरे पूरी एकजुटता के साथ हैं।


