उत्तर प्रदेश

करोड़ों की संपत्ति में फंसे सहकारिता सहायक आयुक्त, रिपोर्ट दर्ज

करोड़ो रुपए की हेराफेरी करके बनाई संपत्ति

 लखनऊ।। आर्थिक तंगी का सामना कर रहे सहकारिता विभाग को उसके ही अफसर कई सालों से लूटते रहे। अब इसकी परत खुलने लगी है। सहकारिता विभाग के तत्कालीन सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक हरेंद्र कुमार के खिलाफ विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की एफआईआर दर्ज की है। 

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 में हरेंद्र सिंह की चल-अचल संपत्तियों की गोपनीय जांच करने का आदेश विजिलेंस को दिया था। विजिलेंस ने बीते वर्ष नवंबर माह में शासन को जांच रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें करीब 68.57 लाख रुपये की अघोषित संपत्तियां अर्जित करने का खुलासा किया था। मूल रूप से गोरखपुर एवं वर्तमान में कुशीनगर निवासी हरेंद्र कुमार की संपत्तियों की गोपनीय जांच में पाया था कि उन्होंने वर्ष 1997 से 2000 की अवधि के दौरान बतौर लोकसेवक अपनी आय के सभी वैध स्रोतों से करीब 2.63 करोड़ रुपये अर्जित किए, जबकि चल-अचल संपत्तियों को खरीदने एवं भरण-पोषण पर 3.29 करोड़ रुपये व्यय किए। विजिलेंस ने शासन को अपनी रिपोर्ट देकर हरेंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू करने की अनुमति मांगी थी।

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