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ऊर्जा क्षेत्र में भारत उभरता बाजार- हरदीप सिंह पुरी

आने वाले बीस सालों में वैश्विक ऊर्जा मांग में भारत की हिस्सेदारी करीब 35 फीसदी होगी

आने वाले बीस सालों में वैश्विक ऊर्जा मांग में भारत की हिस्सेदारी करीब 35 फीसदी होगी

बेतूल (गोवा)। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में भारत एक बड़ा उभरता बाजार है। अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के के यहां काफी कुछ किया भी जा रहा है। खाड़ी के देशों के अलावा एशिया पेसिफिक के देशों में भी भारत ने तेजी से पहुंच बनाई है।
भारत ऊर्जा सप्ताह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि विश्व की दिग्गज ऊर्जा कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों तथा विशेषज्ञों ने ऊर्जा क्षेत्र में भारत में निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इन कंपनियों में टोटल एनर्जी,बीपी, विटोहुंडई,एचडी केएसओई,अकेर,लिजा टेक,इंटरनेशनल एनर्जी फोरम, एक्सलेरेट,वुड मैकेंजी,ट्राफीगुरा, स्टैटसोली,प्राज,रिन्यू व एमओएल आदि के अलावा भारत की वेदांता,अदानी,रिलायंस,बिरला,थापर,गैलेंट आदि शामिल थीं।
पत्रकारवार्ता के दौरान ग्रीन हाइड्रोजन की नीति पर बात की। उन्होंने कहा कि यह नीति पहले से ही लागू है और प्रधानमंत्री मोदी ने इसे मिशन मोड में आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भविष्य की ऊर्जा को लेकर अहम बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले बीस सालों में वैश्विक ऊर्जा मांग में भारत की हिस्सेदारी करीब 35 फीसदी होगी। उन्होंने साफ किया कि भारत की ऊर्जा क्षेत्र की ग्रोथ स्थिर और संतुलित है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत अब केवल ऊर्जा का इंपोर्टर नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में एक्सपोर्टर की भूमिका में भी आ चुका है। देश की रिफाइनिंग और प्रोसेसिंग क्षमता लगातार बढ़ रही है और भारत आज ग्लोबल एनर्जी मार्केट से पूरी तरह इंटीग्रेटेड है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत 41 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है, जिससे सप्लाई डाइवर्सिफिकेशन और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की ऑयल इकोनॉमी वैश्विक ऊर्जा संतुलन में एक अहम भूमिका निभा रही है।


सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत पुणेदिल्ली रूट पर एसएएफ आधारित एक उड़ान पहले ही संचालित कर चुका है। उन्होंने कहा कि 2027 से इस क्षेत्र में और ठोस प्रगति देखने को मिलेगी, केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में एसएएफ एक व्यावहारिक और प्रभावी समाधान के तौर पर उभरेगा।
हरदीप सिंह पुरी ने मुताबिक एसएएफ के लिए जरूरी बायोमास की उपलब्धता भारत में कोई समस्या नहीं है, हालांकि यूस्ड कुकिंग ऑयल भारत के लिए व्यावहारिक विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील जैसे देशों में एसएएफ के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। इस दिशा में लगातार बातचीत और सहयोग चल रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर मंत्री ने कहा कि इसकी नीति पहले ही लागू की जा चुकी है और प्रधानमंत्री ने इसे मिशन मोड में आगे बढ़ाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। इस मिशन को छह अलग-अलग मंत्रालयों/विभागों के बीच बांटा गया है ताकि क्रियान्वयन तेज हो। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य ग्रीन हाइड्रोजन की कीमत कम करना है, क्योंकि भारत में बड़े पैमाने पर स्केलिंग की क्षमता मौजूद है। उनके मुताबिक जैसे-जैसे उत्पादन बढ़ेगा, लागत घटेगी और भारत इस सेक्टर में ग्लोबल लीडर बनने की स्थिति में आएगा। भारत ऊर्जा ट्रांजिशन को बाध्यता नहीं, अवसर के रूप में देखता है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

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